वाते मुंगा मोलारी My swan song गोर बोलीभाषाविज्ञान अन व्याकरण - एक चिंतन ! (भाग २ ) भीमणीपुत्र मोहन नाईक

*वाते मुंगा मोलारी*
            My swan song

*गोर बोलीभाषाविज्ञान अन व्याकरण - एक चिंतन !*
          (भाग २ )

            भाषार अभ्यासेमं भाषार सामाजिक डिलेसामू दुर्लक्ष करतूज आयेनी.भाषारो सामाजिक डील कतोज समाजभाषाविज्ञान."भाषेच्या समाजातील आविष्काराचा विचार करणारी शाखा म्हणजेच समाजभाषाविज्ञान"हानू डाॅ.कल्याण काळे ये भाषातज्ञेर केण छ.भाषार अभ्यासेमं समाजे माईर भाषार आविष्कारेनं घणो मोल रचं.समाजभाषाविज्ञान कतोज भाषाविज्ञान...!
               भाषा व्यवहारेमं शब्द आपआपणे ढंगेती कतो शैलीती वावरते रचं.गोर बोलीभाषा व्यवहारे माईर "सूं" अन "सू"ये शब्दशैलीर उत्कृष्ट उदाहरण छ."आनेर सूं,घुलरासू"ये दोयी वाक्ये माईर एक "सूं" ये शब्देर ध्वनी उच्चार अनुनासिक रेयेर येती सूं अन सू ये दोयी शब्देरो अर्थ बदलगो छ."सूं = सोगन,सू = वांग ईज शब्दानुशासन कतो खरो व्याकरण सिद्ध वचं.भाषामं शब्देरो घणो प्रभाव दकावचं.
              "बुर दं,ढाक दं,आनेर सूं,घुलरासू"ये गोर बोलीभाषा व्यवहारे माईर "बुर,ढाक,सूं,सू"ये शब्देर प्रवृतीर आपआपण स्वतंत्र शैली छ."कुकडी बुर दं,बाटी ओल्डी हेटं बुरन मेलछांडी छू,लागलंगावण ढाकन मेल माकीमाकी पड जाये,खाड बुर दं,जळेर झारीनं फुल्या गळ्णेती ढाकन रकाड",बुर अन ढाक ये गोर बोलीभाषा शब्देनं इंग्रजी Cover इ शब्द पर्यायी शब्द वे सकेनी,जुज गोर बोलीभाषा "ढीलो" इ शब्द इंग्रजी Slow ये शब्देरो पर्यायी शब्द ठरेनी. "हाण्या"ई गोर बोलीभाषा शब्द इंग्रजी Slow ये शब्देरो पर्यायी शब्द सिद्ध वचं."ठालो"ये गोर बोलीभाषा शब्देसारू Empty ई इंग्रजी शब्द पर्याय छ;पणन Empty इ इंग्रजी शब्द "सुनो" ये गोर बोलीभाषा शब्दरो पर्यायी शब्द सिद्ध वे सकेनी.
              "डीलोढस चालणो अन हाण्या कतो Slow चालणो ये दोयी शब्देर प्रवृतीमं घणो फरक छ."ढीलो"ये गोर बोलीभाषा शब्देनं इंग्रजी Slow इ पर्यायी शब्द वे सकेनी.ओसोज "जीव"ये गोर बोलीभाषा शब्देसारू इंग्रजी शब्द Body इ पर्यायी सिद्ध वेयेनी."ढीलो;ढीलोढस अन Slow (हाण्या) ये शब्देर आशयगर्भ नाळी नाळी छ.कांयी कांयी गोर बोलीभाषा शब्देर अस्तित्व स्वतंत्र छ,जेनं नागरी प्रमाण भाषामं भी पर्याय देतू आयेनी.
             मराठी,हिंदी भाषा माईर "नगरी,नगारा,नदी"ये शब्देर ध्वनी उच्चार गोर बोलीभाषा व्यवहारेमं अनुनासिक सिद्ध वचं जसो "नंगरी,नंगारा,नंदी", तो पचं मराठी,हिंदी नगरी,नगारा,नदी ये शब्देरो ध्वनी उच्चार चुकीरो छ क,गोर बोलीभाषा शब्द नंगरी,नंगारा,नंदी ये ध्वनी उच्चार चुकीर छ?इ चुक ठरायेर धम्मक भी भाषाशास्त्रेमं छेनी,काहा कतो "भाषा इ कुणसी तो भी एक मनक्यासामूती बोलायेम आयी छ,करन ध्वनी उच्चार स्वतंत्र छ"हानू भाषाशास्त्र कचं.ये संदर्भेमं भाषारो अभ्यासक प्रा.आनंद भंडारेर केण छ क,"प्रत्येक भाषेत वापरले जाणारे ध्वनी हे स्वतंत्र असतात"हर समाजेर भाषार ध्वनी उच्चार स्वतंत्र रचं,व्यक्तीनिष्ठ रचं.येर नंगरी,नंगारा,नंदी ये गोर बोलीभाषा शब्देर ध्वनी उच्चार उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध वचं."व्यक्तिनिष्ठता ई स्वनेर (ध्वनीर)एक प्रमुख लक्ष्मण छ"भाषातज्ञेर ई मत आतं धेनेम लेणू गरजेर छ.
        "स्वर,व्यंजन,समास,संधि,शब्द-धातू,प्रकृती-प्रत्यय व स्फोट सिद्धांत ये व्याकरणेर प्रमुख लक्षण छ"हानू अभ्यासक केमेले छ.
            गोर बोलीभाषा शब्द "विकर" कतो पसरविणे,विस्तारीत करणे इ आशयगर्भ जर धेनेम लिदे तो "विकर" इ गोर बोलीभाषा शब्द "व्याकरण"ये शब्देरो मूळ धातू विये कोनी ई केपरती ?
            स्वर,व्यंजन,समास,संधि,शब्द- धातू,प्रकृति -प्रत्यय ये भाषार विकरेवाकरे डीलेर नियमन कतो व्याकरण ई व्युत्पत्ती सिद्धांत ई स्वतंत्र सोजारो विषय छ.मारो ई मत अंतरिम छ.भाषातज्ञ येपर सखोल चिंतन करन सोजा लेणू ई अपेक्षा..!
                विकर > व्याकरण = भाषार डीलेर विस्तारीत रुप सिद्ध करेवाळो शास्त्र कतो व्याकरण ई व्युत्पत्ती सिद्धांत का न मान्य वेणू ?

*गोर बोलीभाषारो सामाजिक संदर्भ/ भाषाविज्ञान-*

- न ढंगेरो न वंगेरो.
- देक भेनं,आंगज काळ भमरो छ,न तो लायीस आजी काळेम धोंडी मीना.
- आगासू भमतो चाल.
- आनेर सूं.
- मार पाडेर विये जेतीज बातू पडूचूं.
- चपटीमं मसळ नाकीयूं.
- ओर नाळ तमाकू मंगायीती जकोण झाड्या रंडवा लादीनो कोनी.
- झाकट पडतू पेना नंगारा तांडेम घोरातेते.
- नकामो छी कांयी आज ?
- कांयी हादो करीची?
- भुकळीर खोडीती एक बाटी धापन खाल्दो.
- कालेती मुरमुर पाणी पडरो छ.
- लंगावण जरा चरको वेगो.
- वंगार बळगो कांयीको?
- चुलेम आंगार वलागो.
- हाण्याहाण्या जो नतो पड जायीस कती भी.
- झीगला ढिलोढस वेगो.
- कांयी ढीलोढस चालरो भा बळद ई ? (हावसान छेनी जूं )
- मार डीलेपं रुंवाडा हुबरगे.
- डायसाणेर धपेपं धप मेलन चालणू कचं.
- डायीसाणी आद गोलाईम हुबरेन नातरो बोलचं.
- रुपालीर चालणो रेणू हानू तांडो आरदास करचं.
     (विचारपुर्वक पगला वटायेर बुद्धी दं.)

*ऋण*-
१, भाषाशास्त्र
प्रा.आनंद भंडारे
२, व्याकरण विकिपीडिया

                   *भीमणीपुत्र*
          *मोहन गणुजी नायक*

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